Astrology by Sujit Patil / Session_4 / Hanuman Chalisa , Bajarang Baan & Hanuman Ashtak.
Hello Everyone,
My self Sujit Patil, I'm Astrologer from Satara city. I have making blogging page to teach astrology rule to everyone in simple steps. today we discuss about remedies of plnaet Mars in astrology. if planet Mars is sited in bad house then they gives bad result on your daily life. planet Mars represent to Management, Confidence, Blood, Anger in kundli. so to overcome these type of problem people want to chant Mars beej mantra or Hanuman Chalisa per day.
Below we provide Hanuman Chalisa.
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।
चौपाई :
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा।।
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। कांधे मूंज जनेऊ साजै।।
संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बन्दन।।
विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संवारे।।१०।।
लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा।।
जम कुबेर दिगपाल जहां ते। कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना।।
जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।२०।।
राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रक्षक काहू को डर ना।।
आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा।
और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै।।
चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु-संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे।।३०।।
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा।।
तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
अन्तकाल रघुबर पुर जाई। जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।
और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई।।
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।४०।।
दोहा :
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।
Below we provide Bajarang Baan.
राखु नाथ मरजाद नाम की ॥24॥
Below we provide Hanuman Ashtak.
बाल समय रवि भक्षि लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों
ताहि सो त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो
देवन आनि करी विनती तब, छाड़ि दियो रवि कष्ट निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
बालि की त्रास कपीस बसै गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो
चौंकि महामुनि शाप दियो तब , चाहिए कौन बिचार बिचारो
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के शोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीश यह बैन उचारो
जीवत ना बचिहौ हम सो जु , बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब , लाए सिया-सुधि प्राण उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
रावण त्रास दई सिय को तब , राक्षसि सो कही सोक निवारो
ताहि समय हनुमान महाप्रभु , जाए महा रजनीचर मारो
चाहत सीय असोक सों आगिसु , दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
बान लग्यो उर लछिमन के तब , प्राण तजे सुत रावन मारो
लै गृह बैद्य सुषेन समेत , तबै गिरि द्रोण सुबीर उपारो
आनि संजीवन हाथ दई तब , लछिमन के तुम प्रान उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
रावन युद्ध अजान कियो तब , नाग कि फांस सबै सिर डारो
श्री रघुनाथ समेत सबै दल , मोह भयो यह संकट भारो
आनि खगेस तबै हनुमान जु , बंधन काटि सुत्रास निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
बंधु समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो
देवहिं पूजि भली विधि सों बलि , देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो
जाये सहाए भयो तब ही , अहिरावन सैन्य समेत संहारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
काज किये बड़ देवन के तुम , बीर महाप्रभु देखि बिचारो
कौन सो संकट मोर गरीब को , जो तुमसो नहिं जात है टारो
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु , जो कछु संकट होए हमारो
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो
दोहा-
लाल देह लाली लसे , अरु धरि लाल लंगूर I
बज्र देह दानव दलन , जय जय जय कपि सूर II
Now we provide planet Mars beej mantra. these mantra will be chant per day 108 times to 93 days until it's energized. planet Mars beej mantra will be energized at 10000 times.
Om Ang Angarakay Namah
These mantra also decreases planet Mars related problem and gives good result about planet Mars.
If you want to learn astrology then attempt the Session_1, we provide link in below section.
https://astrosatara.blogspot.com/2020/09/astrology-by-sujit-patil-section1-about.html?m=1

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